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title: "प्रोपगैंडा"
sousTitre: "एक शब्द जो वेदियों की छाया में जन्मा, शासनों का ध्वज बन गया। इसका मूल अर्थ, जो देहाती और प्रसारक था, विचारधारा के हेरफेर की मशीन में बदल गया। यह मानचित्र बताता है कि यह विचलन जर्मन भाषा का कोई संयोग नहीं है—अन्य भाषाओं ने भी इसी वस्तु पर वही क्रिया आरोपित की, बिना किसी पूर्व संधि के।"
description: "« Propaganda » : एक लैटिन शब्द जिसकी जड़ें चर्च से जुड़ी हैं, जिसे जर्मन में विचारधारा के संगठित हेरफेर के अर्थ में तोड़-मरोड़ दिया गया। स्टर्नबर्गर, स्टोर्ज़ और ज़ुस्किंड (1957) का अनावरण एक नृजातीय-राजनीतिक-भाषाई अंतर्संबंध को उजागर करता है, जिसकी तुर्की में तानिल बोरा द्वारा पुष्टि की गई है। उन भाषाओं का मानचित्र जहाँ एक ही आवरण कार्य करता है।"
date: 2026-08-11
lang: hi
tradition: transversal
auteurs: ["स्टर्नबर्गर, स्टोर्ज़ एवं ज़ुस्किंड", "तानिल बोरा"]
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# प्रोपगैंडा

प्रोपगैंडा : यह शब्द मोम और स्याही की गंध लिए हुए है, धर्मपीठों और मंचों की गूँज लिए हुए। इसका जन्म वैटिकन के गलियारों में हुआ, जहाँ ईश्वरीय वचन को बाग़ में पौधे रोपने की तरह फैलाया जाता था। फिर यह पलट गया, जनसमूहों और मशीनों के युग में बहकर, और उन शासनों का प्रिय औज़ार बन गया जो स्वतंत्र चेतनाओं से अधिक आज्ञाकारी भीड़ को पसंद करते हैं। यह महज़ अर्थ का फिसलन नहीं है—यह अर्थ की चोरी है, एक ऐसा अपहरण जहाँ शब्द को हथियार बना दिया जाता है।

## शब्द के नीचे छिपा अर्थ
लैटिन *propagare*—फैलाना, बढ़ाना, जैसे कोई कलम लगाई जाती है—ने सबसे पहले *de Propaganda Fide* नामक मण्डली के कार्य को नाम दिया, जिसकी स्थापना 1622 में कैथोलिक धर्म के प्रसार के लिए हुई थी। तब यह शब्द एक मिशन का द्योतक था : एक सार्वभौमिक सत्य को, प्रेरक तर्क और उदाहरण द्वारा फैलाना। राजनीतिक हेरफेर से यह कितना दूर था, सतह पर। फिर भी, इसी जड़ ने उस भूमि को पोषित किया जहाँ यह शब्द फिर से अंकुरित हुआ, इस बार सांसारिक सत्ता के औज़ार के रूप में।

## विचलन की वंशावली
यह पलटाव उन्नीसवीं सदी में होता है, जब *Propaganda* धर्मसभाओं को छोड़कर मंत्रालयों में प्रवेश करता है। शब्द, जो पहले तटस्थ था, एक नकारात्मक अर्थ से भर जाता है : अब यह आस्था का प्रसार नहीं, बल्कि सिद्धांत को थोपने का काम करता है। *Aus dem Wörterbuch des Unmenschen* के लेखक दिखाते हैं कि यह उलटाव जर्मन में कैसे ठोस हुआ, जहाँ *Propaganda* एक वैचारिक [युद्ध मशीन](https://viasophia.org/lexique/machine-de-guerre/) का पर्याय बन गया, जिसे मन को आकार देने के लिए रचा गया, न कि उन्हें प्रकाशित करने के लिए। उनकी दी गई उद्धरण स्पष्ट है :

> इससे पहले कि चर्च से सांसारिक प्रोपगैंडा बना, यह शब्द एक उल्लेखनीय दार्शनिक सैल्टो लगा चुका था।
>
> — **स्टर्नबर्गर, स्टोर्ज़ एवं ज़ुस्किंड**, *Aus dem Wörterbuch des Unmenschen*, livre Aus dem Wörterbuch des Unmenschen. éd. फ़्रेंच अनुवाद के आधार पर, dtv, म्यूनिख, 1962 (© क्लासेन, 1957).

यह "दार्शनिक सैल्टो" कोई रूपक नहीं है—यह एक उलटाव है। जिस वस्तु को छिपाया जाता है, वह अब सत्य नहीं, बल्कि उसका प्रतिरूप है; और इस अपहरण की प्रकृति प्रसार नहीं, बल्कि अर्थ का व्यवस्थित उलटाव है। एक समय आध्यात्मिक मिशन का वाहक रहा यह शब्द, अब प्रभुत्व की तकनीक का नाम बन गया।

## एक ही आवरण, भाषा-दर-भाषा
यह अपहरण जर्मन का एकाधिकार नहीं है। अन्य भाषाओं ने भी, स्वतंत्र रूप से, उसी क्रिया को उसी वस्तु पर आरोपित किया : एक विचार के प्रसार से जुड़े शब्द को संगठित हेरफेर का लेबल बना दिया। नीचे दिया गया सारणी इसका मानचित्र प्रस्तुत करता है :

तुर्की में *propaganda* शब्द ने भी वैसा ही सफ़र तय किया। यूरोपीय भाषाओं से उधार लिया गया यह शब्द पहले विचारों के प्रसार के तटस्थ अर्थ में प्रयुक्त होता था, पर बीसवीं सदी के सत्तावादी शासनों के प्रभाव में इसका अर्थ भी उतना ही विषाक्त हो गया। *Zamanın Kelimeleri* में तानिल बोरा इसकी रूपांतरण की गवाही देते हैं :

> मगर लगभग पूँजीवाद की सारी विपत्तियों को AKP से जोड़कर देखने वाली प्रोपगैंडा और उत्तेजना की भाषा, क्या वह इस विरोध को भी आत्मिक रूप से कमज़ोर नहीं कर रही है?
>
> — **तानिल बोरा**, *Zamanın Kelimeleri*, livre Zamanın Kelimeleri. éd. तुर्की मूल के आधार पर, इलेटिशिम, 2018.

तुर्की और जर्मन में समानता चौंकाने वाली है : दोनों ही मामलों में शब्द को उसके मूल सार से खाली कर दिया गया, ताकि वह जनसमूहों के नियंत्रण के अभियान का पर्याय बन सके। अंतर केवल उस राजनीतिक इतिहास में है जिसने इसे संभव बनाया।

## एक शब्द, दो चेहरे
प्रोपगैंडा : यह शब्द अपने भीतर दो कहानियाँ समेटे हुए है। एक पवित्र, जो बुआई और फ़सल की बात करती है; दूसरी लौकिक, जो झूठ और बेड़ियों की। इसका अनावरण इनमें से किसी एक को चुनने में नहीं, बल्कि यह देखने में है कि कैसे एक ने दूसरी के लिए मुखौटा का काम किया। जो सवाल बचता है, वह सरल है : जब कोई शब्द अपना पक्ष बदलता है, तो क्या वह धोखा देता है, या वे जो उसका प्रयोग करते हैं?

## स्रोत

- Sternberger, Storz & Süskind, *Aus dem Wörterbuch des Unmenschen* — dtv, München, 1962 (© Claassen, 1957)
- Tanıl Bora, *Zamanın Kelimeleri* — İletişim, 2018


प्रमाणिक स्रोत : https://viasophia.org/hi/devoiler/2026-08-11-propaganda/
